*मुख्यमंत्री के विकास कायर्क्रमों और आई. जी. आर. एस. की समीक्षा बैठक*

 *मुख्यमंत्री के विकास कायर्क्रमों और आई. जी. आर. एस. की समीक्षा बैठक*

*नियमित ट्रिपिंग के कारण विद्युत उपभोक्ता परेशान, विद्युत विभाग के अधिकारी विद्युत वितरण व्यवस्था सुधारें, उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में असुविधा न हो-अपर मुख्य सचिव, नोडल अधिकारी।*


मैनपुरी - नोडल अधिकारी, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन, उ.प्र. पुनगर्ठन समन्वय, भाषा एवं लोक सेवा प्रबंधन, राष्ट्रीय एकीकरण जितेंद्र कुमार ने मा. मुख्यमंत्री जी के प्राथमिकता वाले विकास कायर्क्रमों, आई.जी.आर.एस. पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के दौरान कहा कि पुलिस, राजस्व, पंचायती राज, कृषि विभाग में शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। जिस कारण उक्त विभागों में बड़ी संख्या में असंतुष्ट फीडबैक मिल रहा हैं, संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान दें, किसी भी माध्यम से प्राप्त कोई भी शिकायत डिफाल्टर की श्रेणी में न आये, प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापरक निराकरण सुनिश्चित किया जाए, मांग से संबंधित शिकायतों को अलग अंकित किया जाए। उन्होंने समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित करते हुए कहा कि नियमित अंतराल पर ट्रिपिंग के कारण भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है, विभाग के अधिकारी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुधारने की दिशा में कायर् करें, किसी भी उपभोक्ता को अकारण परेशानी न करना पड़े, झटपट पोटर्ल, निवेश मित्र पोटर्ल पर प्राप्त आवेदनों का निधार्रित समय-सीमा में निस्तारण किया जाए, विद्युत बिलिंग व्यवस्था भी सुधारी जाए। उन्होंने कहा कि अभी निधार्रित समय-सीमा के भीतर झटपट पोटर्ल पर 36 एवं निवेश मित्र पोटर्ल पर 04 आवेदन पत्र अनिस्तारित है, आई.जी.आर.एस. पोटर्ल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में भी विद्युत विभाग की स्थिति ठीक नहीं है, प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में से 25 शिकायती पत्रों पर असंतुष्ट फीडबैक पायी गयी हैं। कमोबेश यही स्थिति पंचायती राज, पुलिस, राजस्व, कृषि विभाग की है, इन विभागों में भी शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापरक ढंग से नहीं किया जा रहा है।

           नोडल अधिकारी ने समीक्षा के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निदेर्शित करते हुए कहा कि पशुपालकों को पशुओं के बीमार होने की दशा में तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित हेल्पलाइन नंबर-1962 के प्रति जागरूक किया जाए, 1962 पर शिकायत प्राप्त होते ही पशु विभाग के चिकित्सक तत्काल मौके पर जाकर इलाज मुहैया कराएं, कोई भी निराश्रित गोवंश सड़कों पर दिखाई न दे, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना में उपलब्ध कराए गए गोवंशों का प्रतिमाह सत्यापन कराकर समय से योजना की धनराशि पशुपालक उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शैक्षणिक स्तर में सुधार किया जाए, प्राथमिक विद्यालयों, आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, स्वास्थ्य विभाग की टीम रोस्टर तैयार कर अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करें, स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान खंड शिक्षाधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहें, विद्यालयों में साफ-सफाई के बेहतर प्रबंध किए जाएं, बच्चों को मीनू के अनुसार गुणवत्तापरक मध्यान्ह भोजन मुहैया कराया जाए। उन्होंने जिला कायर्क्रम अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सैम-मैम बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए आंगनवाड़ी कायर्कत्री, स्वास्थ्य कमीर् चिन्हित बच्चों की बेहतर देखभाल करें, अति कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर उन्हें पोषण पुनवार्स केंद्र में भर्ती कराया जाए ताकि वह जल्द से जल्द सुपोषण की श्रेणी में आ सकें। 

        बैठक में जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी एस.एन. मौर्य, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर नवोदिता शर्मा, अंजलि सिंह, गोपाल शर्मा, आर.एन. वर्मा, नितिन कुमार, डिप्टी कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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