गर्भवती महिला व गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए वरदान, यह फल

गर्भवती महिला व गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए वरदान, यह फल


आज हम उस फल की बात कर रहे है जो भारत में अनादि काल से पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान विधि विधान सहित सभी प्रकार के धार्मिक कार्यों मे प्रयोग होने वाला फल है| भारतीय सभ्यता में यह आस्था और विश्वास का व समृद्धि का पर्याय है |हर तरह के धार्मिक क्रियाकलापों में मुख्य रुप से श्री फल के रूप में नारियल का उपयोग होता है |भगवान गजराज की पूजा के साथ ही लोगों ने आस्था चिन्ह कलश की स्थापना भी इस फल से की जाती है।हिंदू धर्म में नारियल के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है और अनुष्ठान के साथ यह नारियल अनेक गुणों से भरपूर है| हर नारियल की हर वस्तु का प्रयोग ,उपयोग , उपभोग किया जाता है| ऐसा कोई अन्य फल नहीं है जो नारियल के समकक्ष उसका इस्तेमाल होता है|


इतिहास पर नज़र डालें तो 1521 में जब पुर्तगाल और स्पेन के खोजकर्ता समूद्र यात्रा पर निकले और खोज करते-करते हिंद प्रशांत महासागर के पास पहुंचे। समूद्र के किनारे उन्हें बहुत से लंबे-लंबे पेड़  दिखे, जिस पर फल भी लगे हुए थे। ये फल एक एक चेहरे के समान, तीन छिद्रों वाले थे। फलों की आकृति के अनुसार खोजकर्ताओं ने इस फल का नाम कोको रख दिया, जो हिन्दी में पहले से ही नारियल कहलाता है, वहीं पुर्तगाली लोककथाओं और गीतों में नारियल को भूत या चुड़ैल से जोड़ा जाता है।


दूसरी तरफ वैज्ञानिकों ने नारियल का वैज्ञानिक नाम Cocos Nucifera दिया है। वैज्ञानिकों के अनुसार नारियल ताड़ के पेड़ परिवार ( Arecaceae ) और जीनस Cocos की एकमात्र जीवित प्रजातियों का सदस्य है, जो वनस्पति रूप से एक बीज या फल है।


जी हाँ नाम कुछ भी हो पर 100 गुण वाला एक फल हैं नारियल जो दवाई के रूप में भी काम आता है| शीतल पदार्थ के रूप में भी काम आता है| खाने की अनेक डिश बनती है | नारियल की मिठाई के तो कहने क्या, अगर आप टेस्टी थाई करी, साउथ खाना ,चटनी बनाना चाहते हैं तो नारियल के बिना उसे लजीज बनाने की बात सोच भी नहीं सकते| इस फल  क़े तेल से बाल लम्बे ओर मालिश से बदन चुस्त रहता है और  नारियल की अन्य वेस्ट चीजों से कपड़े ,गद्दे ,थैले भी बनाए जाते हैं| ऐसा है यह नारियल जो आज दक्षिण भारत ही नहीं पूरे भारत का यह एक प्रिय पदार्थ बन गया है |


आगरा के परिपेक्ष में पिछले 10 वर्षों से हर जगह कच्चे नारियल की ना केवल खेल लगती है बल्कि यह बहुत बड़ा एक रोजगार देने का साधन भी बन गया है| आज कोरोनावायरस के चलते नारियल पानी में जो इम्युनिटी बढ़ाने का काम किया है और ब्लड शुगर को कम करने का काम  करता है| उसको देखते हुए इसकी मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है| अब तो लोग इसे आम के आम गुठलियों के दाम भी जेसा उपभोग करते हैं एक तरफ पर्यावरण बचाने में यह बहुत बड़ा सहायक भी होता है तो दूसरी तरफ शोपीस की तरह अपने गार्डन में चिड़ियों के घोंसले और पेड़ पौधे के गमले के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.

सुघड ग्रहणी अपने घर में नारियल अवश्य रखती  हैं कारण बताने की जरूरत नहीं है यह पेए पदार्थ, फल या कोई डिश बनानी हो सबके काम आ जाता है और काफी समय तक यह खराब नहीं होता है अचानक मेहमान के आने पर पेश कर देती है |उसको अचंभा भी कर देती है|

 

वैश्विक रूप से इंडोनेशिया, फिलीपींस तथा भारत नारियल के उत्पादन की दृष्टि से अग्रणी देश हैं।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार, वर्ष 2014-15 में नारियल उत्पादन में शीर्ष 3 राज्यों में तमिलनाडु, कर्नाटक एवं केरल शामिल हैं।

आपको यह भी जानकर आश्चर्य होगा कि भारत हर साल लगभग 470 करोड रुपए की नारियल का निर्यात करता है जो अपने आप में एक सम्मानजनक निर्यात है।विदेशी मुद्रा के रूप में आर्थिक लाभ पहुँचाता है|


भारत का दक्षिण भारत के राज्यों केरल तमिलनाडु कर्नाटक आंध्र प्रदेश देश के 90 फ़ीसदी नारियल की खेती होती है और अब इसकी मंडी गुजरात राजस्थान आदि में बनने से  नॉर्दन इंडिया में भी बहुत तेजी से इसकी बिक्री बढ़ रही है।


हर साल 2 सितंबर को विश्व नारियल तो दिवस मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य खेती को बढ़ावा देना और नारियल के महत्व को विश्व में पहुंचाना है| जिससे नारियल के कच्चे माल के निर्यात में वृद्धि के साथ-साथ नारियल उत्पादन करने वाले किसानों को भी फायदा मिल सके | 2 सितंबर 2009 से एशिया प्रशांत नारियल समुदाय (APCC)के गठन दिवस के उपलक्ष्‍य में इस दिन को मनाया जाता है। वर्तमान में 18 देशों के सदस्य एक अंतर-सरकारी संगठन के रूप में काम कर रहा है। जिसमें भारत भी इसका सदस्य हैं। एशिया प्रशांत नारियल समुदाय का मुख्‍यालय इंडो‍नेशिया के जकार्ता में है। 


हर साल विश्‍व नारियल दिवस की थीम रहती है। इस साल 2021 विश्‍व नारियल दिवस थीम 'एक सुरक्षित समावेशी लचीला और टिकाऊ नारियल समुदाय का निर्माण कोविड-19 महामारी और उससे परे' थीम है।  


नारियल के बारे में तथ्य

नाम - नारियल वैज्ञानिक नाम - कोकोस न्यूसीफेरामूल - दक्षिण-पूर्व एशिया के तटीय क्षेत्ररंग - शुरू में हल्का हरा, जो नट के रूप में सूख जाता है और ग्रे हो जाता है.आकृतियां - लंबी, अंडाकार, दीर्घवृत्ताकार लगभग गोलाकारअंदर का रंग - सफेदस्वाद - हल्का और मीठाकैलोरी - 283 केसीएएल./कप


नारियल के प्रमुख पोषक तत्व

कुल वसा (76.54%)मैंगनीज (52.17%)कॉपर (38.67%)आयरन (24.25%)कुल आहार फाइबर (18.95%)सेलेनियम 8.1 µg (14.73%)फास्फोरस 90 एमजी (12.86%)कार्बोहाइड्रेट 12.18 ग्राम (9.37%)जिंक 0.88 एमजी (8.00%)वेलिन 0.162 ग्राम (7.67%)


नारियल के गुण

स्वास्थ्य के लिए बेहतर,आपके दिल के लिए अच्छा है ,वजन प्रबंधन ,रक्त शर्करा नियंत्रण(ब्लड शुगर लेवल) ,संक्रमण से बचाता है,पाचन में सुधार करता है ,त्वचा संक्रमण को ना केवल रोकता है बल्कि चमक लाता है ,बालों के विकास को बढ़ावा देता है,आपकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ावा देता है,तनाव से राहत ,हड्डी के लिए बेहतर,दांतों की देखभाल,हाइड्रेशन को बढ़ावा देता है,रक्तचाप कम करता है,हैंगओवर से राहत देता है,सिरदर्द का इलाज करता है,दादी नानी माँ का कहना है नारियल का पानी और नारियल की गिरी गर्भवती  महिला के लिए बहुत उपयोगी होती है अगर वह इसका रेगुलर इस्तेमाल करें तो उसका बच्चा स्वस्थ होगा वह साथ में रंग साफ़  भी होगा और तीव्र बुद्धि वाला पैदा होगा| अगर वह नारियल का पानी पीती है उसकी गिरी खाती है तो उन्हें कभी भी ऊर्जा की कमी नही होगी|


दुनिया में नारियल का उत्पादन

नारियल एक लोकप्रिय वृक्षारोपण है और दुनियाभर में 90 से अधिक देशों में उगाया जाता है| वैसे तो नारियल का पौधा लगाना काफी मुश्किल है लेकिन, एक बार लगाने के बाद यह काफी फायदेमंद साबित होता है क्योंकि पूरे साल नारियल की फसल लगाई जाती है|नारियल का सालाना विश्व उत्पादन लगभग 55 मिलियन टन है| भारत ,इंडोनेशिया और फिलीपींस दुनिया में नारियल के फलों के प्रमुख उत्पादक हैं|

दुनिया के शीर्ष 3 नारियल उत्पादक देश उत्पादित नारियल (टन) हैं|

1 इंडोनेशिया 183,000,000 टन

2 फिलीपींस 153,532,000 टन

3 भारत 119,300,000 टन🌹


नारियल का निर्यात

इंडोनेशिया

इंडोनेशिया दुनिया में नारियल का सबसे बड़ा निर्यातक था, जिसके निर्यात की मात्रा 290K टन थी, जो वर्ष 2018 में कुल निर्यात का 52% था.थाईलैंड

थाईलैंड (70K टन) ने रैंकिंग में दूसरा स्थान प्राप्त किया.वियतनाम

इसके बाद वियतनाम (57K टन) ने तीसरे पायदान पर रहा.

इन सभी देशों के पास कुल निर्यात का 23% हिस्सा है. यह देश भी हैं निर्यातक🌹


हर साल 2 सितंबर को विश्व नारियल तो दिवस मनाया जाता है जिसका मुख्य उद्देश्य खेती को बढ़ावा देना और नारियल के महत्व को विश्व में पहुंचाना है जिससे नारियल के कच्चे माल के निर्यात में वृद्धि के साथ-साथ नारियल उत्पादन करने वाले किसानों को भी फायदा मिल सके | 2 सितंबर 2009 से एशिया प्रशांत नारियल समुदाय (APCC)के गठन दिवस के उपलक्ष्‍य में इस दिन को मनाया जाता है। वर्तमान में 18 देशों के सदस्य एक अंतर-सरकारी संगठन के रूप में काम कर रहा है। जिसमें भारत भी इसका सदस्य हैं। एशिया प्रशांत नारियल समुदाय का मुख्‍यालय इंडो‍नेशिया के जकार्ता में है।                राजीव गुप्ता जनस्नेही कलम से 

लोक स्वर आगरा 

दिनांक 1/ 9/21

फोन नंबर 98370 97850

Email rajeevsir.taj@gmail.com

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