*आगरा से वार्ड 52 नवेद अहमद गुल ने बिगाड़ा पप्पू पहलवान का खेल जनता पूछ रही 10 सालों में क्या किया विकास*
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है नगर निगम के मेयर व सभासदों के चुनाव के लिए खुद सीएम योगी भी मैदान में उतर चुके हैं आज आगरा में सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित किया साथ ही सरकार की उपलब्धियां गिनाई, वही बात करें दूसरी पार्टियों की तो समाजवादी पार्टी हो या कि बीएसपी या की कांग्रेस सभी अपनी अपनी जोर आजमाइश में लग गई है शहर में मेयर व सभासद चुनाव के लिए सभी प्रत्याशी एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं इसी क्रम में बात कर रहे हैं वार्ड नंबर 52 की यहां बीएसपी, समाजवादी पार्टी, बीजेपी व कांग्रेस प्रत्याशी हर रोज सड़को पर निकल रहे हैं व जनता को वादे कर रहे हैं अब वादों का क्या कहे वादे तो वादे होते हैं जो कि अक्सर झूठे ही होते हैं ।
अगर बात करें पिछले 10 साल की तो इस सीट पर समाजवादी पार्टी का ही कब्जा रहा है 10 साल पहले समाजवादी पार्टी से मोहम्मद शहजाद उर्फ पप्पू पहलवान चुनाव जीते थे चुनाव जीतने के बाद या कहें कि चुनाव जीतने से पहले किए गए वादों को चुनाव जीतने के बाद उन्होंने भुला दिया और जनता परेशान रही दोबारा चुनाव आए सीट परिसीमन कानून के तहत महिला सीट घोषित हो गई उसके बाद पप्पू पहलवान के समर्थन से पप्पू पहलवान की की भाभी ने इसी सीट पर चुनाव लड़ा और समाजवादी पार्टी से जीत हासिल की लेकिन सभासद को ढूंढने के लिए लोग परेशान रहे गलियों के गड्ढे, गलियों के अंदर का अंधेरा, सड़क की दुर्दशा आदि सब इसकी गवाह है कि सभासद को इलाके की परेशानियों से कोई मतलब ही नहीं, इलाके की जनता कई बार पार्षद के पास गई लेकिन पार्षद तो अपनी ही लीला में लीन थे,
आपको बता दें घटिया मामू भांजा स्थित कासिम वाली मस्जिद के नीचे से नाला बहता है वह इतना भर जाता है कि दुकानों के बाहर गंदा पानी बहने लगता है इलाके के दुकानदार कई बार पार्षद के पास गए व गंदगी के बाबत शिकायत की लेकिन पार्षद के कानों पर जूं नहीं रेंगी, गलियों की बात करें तो गलियों का भी यही हाल, हर और फैली गंदगी, गड्ढे जिनसे रात के अंधेरे में दुर्घटनाएं होती है लेकिन सभासद को 10 साल कुछ नजर नहीं आया, अब तीसरी बार पप्पू पहलवान समाजवादी पार्टी से ताल ठोक रहे हैं इलाके की जनता से पप्पू पहलवान मुखातिब हुए और वोट मांगने पहुंचे तो कई लोगों ने तो साफ-साफ कह दिया कि आप 5 साल में एक बार नजर आते हो और आपने हमारे इलाके का क्या विकास करा है जो हम आप को वोट दें , जनता ने प्रचार के दौरान ही मौजूदा पार्षद को दुर्दशाओं के बारे में बताया और पूछा जो अब तक नहीं कर पाए अब कैसे कर पाएंगे, 10 साल से आपको हमारे इलाके की हमारी बस्तियों की याद क्यों नहीं आई जो अब चुनावी टाइम पर हाथ जोड़ते हुए वोट मांगने के लिए आ गए हैं,
वही बात करें बसपा प्रत्याशी की तो इस 90 के दशक में दो बार के पूर्व पार्षद रह चुके नवेद अहमद गुल इसी सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, नवेद अहमद गुल की बात करें तो यह अपने में ही बहुत खास नाम है क्योंकि आगरा में बीएसपी के सबसे पुराने कार्यकर्ताओं की अगर बात की जाए तो शायद नवेद का नाम सबसे पहले आएगा आगरा से बसपा विधायक रहे जुल्फिकार अहमद भुट्टो भी शायद नवेद अहमद गुल के बाद ही बीएसपी से जुड़े, वही बात करें नवेद अहमद गुल के द्वारा इलाके में किए गए कार्यों की तो आज भी जनता कहती है पार्षद हो तो ऐसा नवेद के वर्ड 52 से चुनाव में खड़े होते ही इस सीट पर सपा का समीकरण बिगड़ गया है लोग साफ शब्दों में कह रहे हैं नवेद अहमद गुल को ही वोट देकर जिताना है और इलाके को दोबारा से रहने योग्य बनाना है क्योंकि मौजूदा पार्षद ने तो इलाके को शौचालय से भी बदतर बना दिया है, वहीं कांग्रेस और बीजेपी की बात की जाए तो यहां इन दोनों ही पार्टियों के प्रत्याशियों का इतना जोर नजर नहीं आता ना ही कोई पुराना इतिहास ही है अब देखना यह होगा कि इस बार 90 के दशक में दो बार के पूर्व पार्षद नवेद अहमद से अभी के पार्षद रहे पप्पू पहलवान दोनों में से कौन वार्ड 52 से चुनावी अखाड़े में दाव लगा पाते हैं ।

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