आगरा में दशहरा की पूर्व संध्या पर रावण की आरती की गई
लंकापति दशानन महाराज पूजा समिति ने किया शिव का अभिषेक और रावण रचित शिव तांडव स्त्रोत के पाठ से दशहरे की पूर्व संध्या
आगरा में दशहरा की पूर्व संध्या पर रावण की आरती की गई, भोलेनाथ का अभिषेक और रावण की आरती की गई।लंकापति दशानन महाराज पूजा समिति ने दशहरा पर रावण दहन का विरोध करते हुए दशानन के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की गई।
लंकापति दशानन महाराज पूजा समिति द्वारा अभिषेक किया गया।भोलेनाथ के सामने दशानन लंकापति रावण द्वारा रचित शिवतांडव स्त्रोत किया गया।
बदले दौर में लंकापति के आदर्शों को अपनी जिंदगी में शामिल करने का संकल्प लिया गया। शाम को दशानन स्वरूप ने शिव तांडव स्त्रोत व आरती की गई। रावण भक्त डॉ मदन मोहन शर्मा संयोजक लंकापति दशानन महाराज रावण पूजा आयोजन समिति ने कहा कि रावण भक्त डॉ मदन मोहन शर्मा का मानना है कि रावण भगवान महादेव के परम भक्त थे और वह त्रिकालदर्शी भी थे,इसीलिए वह उनका पूजन करते हैं।उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पूजा करने वाले दशानन के स्वरूप को हम नमन करते हैं।शिव तांडव शोध के रचयिता प्रकांड विद्वान लंकापति रावण दशानन होने के नाते हम सबका धर्म है कि हम इस तरह से पुतला दहन न करें,हम इसका विरोध करते हैं। जिस तरह से एक विद्वान को हर वर्ष जलाया जाता है यह समाज के लिए घातक है।आम जन से भी अपील है कि वे अपने अंदर के रावण को मारें,रावण का दहन ना करें।
समिति अध्यक्ष एडवोकेट उमाकांत सारस्वत डॉ नरेंद्र कुमार सारस्वत सत्यप्रकाश सारस्वत ने कहा कि हिंदू रीति रिवाज में एक व्यक्ति का दाह संस्कार एक बार ही किया जाता है तो रावण दहन बार-बार क्यों कैलाश मंदिर महन्त गौरव गिरी ने कहा कि पार्थिव शिवलिंग बनाकर लंकापति रावण गंगाजल से अभिषेक करते थे कि वह अपना क्रोध काबू कर सकें रावण के स्वरूप में राजा खिरवार एवं भोलेनाथ के स्वरूप को खुशनव खिरबार ने निभाया इस मौके पर प्रमुख रूप से नटरांजलि थियेटर आर्ट्स की डायरेक्टर नकुल सारस्वत, दीपक सारस्वत, गौरव चौहान अनिल चौरसिया अनमोल सेठ शिवम चौहान अभय गौर आदि उपस्थित थे
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