*भारतीय संविधान की देन है कि चाय बेचने वाला बना देश का बना प्रधानमंत्री– सियाराम सरोज*
बलरामपुर। संवाददाता। 14 अप्रैल 2018 को बोधिसत्व, बाबासाहब, डा० भीमराव अम्बेडकर जी की जन्मस्थली पर बाबासाहब को याद करते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, *"मैं एक चाय बेचने वाला भारत का प्रधानमंत्री बना तो, यह बाबासाहब के बनाए हुए भारतीय संविधान की देन है।"*
उक्त बातें बोधिसत्व बाबासाहेब डा० भीमराव अम्बेडकर सामाजिक चेतना मंच के तत्वावधान में ग्राम धुसवा बाजार, जनपद बलरामपुर में आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रथम दिवस में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने बताया कि जब इस देश के प्रधानमंत्री कहते है कि मैं प्रधानमंत्री बना, तो यह भारतीय संविधान की देन है। तो इस देश के जितने भी मंत्री, सांसद और विधायक से लेकर ग्राम प्रधान तक ही नहीं बल्कि अधिकारी-कर्मचारी से लेकर चपरासी व चौकीदार तक, जो कोई भी है, वह सभी भारतीय संविधान की वजह से ही हैं। इसलिए हम सभी लोग बाबासाहब के ऋणी हैं। हमें उनके बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए तथा भारतीय संविधान को पढ़ना चाहिए। हमें अपने गाढ़ी कमाई का धन बच्चों और बच्चियों की शिक्षा पर खर्च करना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रहलाद बौद्ध, अध्यक्ष, बोधिसत्व बाबासाहेब डा० भीमराव अम्बेडकर बुद्ध विहार, नगवा, पोस्ट नन्दौरी, जनपद बलरामपुर द्वारा बुद्ध वन्दना, त्रिसरण एवं पंचशील ग्रहण कराकर किया गया। कार्यक्रम के आयोजक सन्तराम, सेवा निवृत्ति सब इंस्पेक्टर पुलिस विभाग एवं अध्यक्ष उमेश ने सभी अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। मिशन गायिका कु० रेखा बौद्ध नै अपने गीत के माध्यम से मंच पर उपस्थित सभी अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में रामसूरत यादव ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हम बहुजन समाज की जितनी भी महिलाएं एवं बेटियां हैं, उन सभी की देवी-देवता उनके सासु-ससुर एवं माता-पिता हैं। इसलिए महिलाओं एवं बेटियों को इनकी पूजा-वन्दना करना चाहिए, न कि मानव द्वारा मिट्टी, पैरा, व पत्थर की बनायी गई नकली देवी- देवताओं की पूजा करनी चाहिए। ईस्ट बंगाल जादूगर आर०बी० आजाद उतरौला ने अपने जादू दिखाकर अन्धविश्वास एवं पाखण्ड का पोल खोलते हुए उपस्थित लोगों को जागरूक किया। जादूगर आर०बी० आजाद लोगों के आकर्षण का केन्द्र बने रहे। पूरा पाण्डाल पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों से भरा हुआ था। सामाजिक जागृति सांस्कृतिक सेवा समिति निसारुपुर, इटियाथोक, जनपद गोण्डा के कलाकारों द्वारा बाबासाहब के जीवन संघर्षों पर आधारित नाट्य कला का मंचन किया गया, जो लोगों द्वारा काफी सराहा गया।
इस अवसर पर ज्वाला प्रसाद, कन्हैया लाल गौतम, संतराम गौतम, जोगीराम अकेला, शिवकुमार, चीनी प्रसाद, राम भजन, जगदेव प्रसाद, जमुना प्रसाद, पूजा बौद्ध, सरिता बौद्ध, काशीराम, शारदा प्रसाद, दीपक पासवान, राम प्रगट, रामसागर, परशुराम बौद्ध, जैसराम गौतम, अर्जुन भारती, बी०पी० बौद्ध, पल्टूराम मास्टर, आशीष राव, दिलीप कुमार, हरदयाल, सुग्गू लाल लेखपाल, अनिल कुमार विशवकर्मा, राजेन्द्र प्रसाद, सोनू निगम, बच्चाराम भारती, रामलौटन, जमुना प्रसाद, दद्दूखान, अनिल कुमार आदि काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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